गाइड
कार मेंटेनेंस शेड्यूल: किसकी सर्विस कब करवाएँ
आपके वाहन के लिए आखिरी फ़ैसला आपकी ओनर्स मैनुअल या मेंटेनेंस बुकलेट का है। यह टेबल आम शुरुआती अंतराल देती है, वही डिफ़ॉल्ट जो Lugnut आम रिमाइंडर जोड़ते समय सुझाता है, ताकि आपके पास बदलाव करने के लिए एक समझदार शुरुआत हो।
जो पहले आए। ज़्यादातर चीज़ों की एक दूरी सीमा और एक समय सीमा होती है। कम चलने वाली गाड़ी का भी ऑयल, ब्रेक फ़्लूइड और कूलेंट समय पर बदलना ज़रूरी है, क्योंकि खड़े रहने पर भी ये पुराने होते जाते हैं।
मेंटेनेंस के आम अंतराल
| चीज़ | किलोमीटर | मील | नोट्स |
|---|---|---|---|
| इंजन ऑयल और फ़िल्टर | 10,000 km / 12 महीने | 6,000 mi / 12 महीने | हाल की कई गाड़ियाँ सिंथेटिक ऑयल और ऑयल-लाइफ़ मॉनिटर के साथ 8,000 से 16,000 km चलती हैं। कठिन ड्राइविंग में छोटा अंतराल अपनाएँ। |
| टायर रोटेशन | 10,000 km | 6,000 mi | अक्सर ऑयल चेंज के साथ किया जाता है। आगे-पीछे अलग साइज़ वाले कुछ सेटअप में संभव नहीं। |
| मौसमी टायर बदलाव | साल में दो बार | साल में दो बार | जहाँ आप विंटर टायर इस्तेमाल करते हैं। विंटर टायर गाइड देखें। |
| केबिन एयर फ़िल्टर | 25,000 km / 2 साल | 15,000 mi / 2 साल | ज़्यादा पराग, धूल या वेंट से सीलन जैसी गंध हो तो पहले। |
| इंजन एयर फ़िल्टर | 50,000 km / 4 साल | 30,000 mi / 4 साल | कच्ची या धूल भरी सड़कों पर हर ऑयल चेंज पर इसे जाँचें। |
| ब्रेक फ़्लूइड | हर 2 साल | हर 2 साल | दूरी चाहे जितनी हो, ब्रेक फ़्लूइड समय के साथ नमी सोखता है। |
| ब्रेक पैड और रोटर | जाँच करवाएँ; घिसाव अक्सर 50,000 km तक दिखता है | जाँच करवाएँ; अक्सर 30,000 mi तक | घिसाव ड्राइविंग पर निर्भर है। कई गाड़ियों में वियर सेंसर होता है। |
| स्पार्क प्लग | 90,000 km / 6 साल | 55,000 mi / 6 साल | इरिडियम और प्लैटिनम प्लग अक्सर ज़्यादा चलते हैं; टर्बो इंजन में कभी-कभी कम। |
| कूलेंट | हर 4 साल | हर 4 साल | लॉन्ग-लाइफ़ कूलेंट अक्सर ज़्यादा चलते हैं। EV में बैटरी कूलेंट का अलग शेड्यूल हो सकता है। |
| ट्रांसमिशन फ़्लूइड | लगभग 100,000 km | लगभग 60,000 mi | कुछ निर्माता इसे "लाइफ़टाइम" बताते हैं; फिर भी कई टेक्नीशियन इसे बदलते हैं, खासकर टोइंग करने पर। |
| डिफ़रेंशियल और ट्रांसफ़र केस | लगभग 100,000 km | लगभग 60,000 mi | ऑल-व्हील-ड्राइव और फ़ोर-व्हील-ड्राइव वाहन। |
| फ़्यूल फ़िल्टर | लगभग 40,000 km | लगभग 25,000 mi | मुख्य रूप से डीज़ल। कई पेट्रोल गाड़ियों में टैंक के अंदर लाइफ़टाइम फ़िल्टर होता है। |
| 12-वोल्ट बैटरी | 3 साल बाद हर साल टेस्ट; लगभग हर 5 साल में बदलें | वही | कड़ी सर्दियाँ बैटरी की उम्र घटाती हैं। Lugnut की OBD जाँचें समय के साथ वोल्टेज ट्रैक करती हैं। |
| वाइपर ब्लेड | हर साल | हर साल | सर्दियों से पहले अच्छा समय है। |
| व्हील अलाइनमेंट | हर 2 साल | हर 2 साल | नए टायर, किसी गहरे गड्ढे या टायर के असमान घिसाव के बाद भी। |
मील के आँकड़े राउंड किए गए रूपांतरण हैं। अंतराल मेक, इंजन और मॉडल साल के हिसाब से बदलते हैं।
सामान्य या कठिन ड्राइविंग?
ज़्यादातर निर्माता दो शेड्यूल देते हैं। कठिन, या "विशेष परिस्थितियों" वाला, शेड्यूल आमतौर पर तब लागू होता है जब आप अक्सर:
- लगभग 10 km से छोटी यात्राएँ करते हैं, खासकर जमा देने वाली ठंड में,
- रुक-रुककर चलने वाले ट्रैफ़िक में फँसे रहते हैं या देर तक इंजन चालू रखकर खड़े रहते हैं,
- ट्रेलर खींचते हैं या भारी सामान ढोते हैं,
- धूल भरी, कच्ची या नमक डली सड़कों पर चलाते हैं, या
- बहुत गर्म या बहुत ठंडे मौसम में चलाते हैं।
इस परिभाषा के हिसाब से कई ड्राइवर साल के कम से कम कुछ हिस्से में इसमें आते हैं, खासकर जहाँ सर्दियाँ ठंडी हों, सड़कें धूल भरी हों या ट्रैफ़िक भारी हो। अगर पक्का न हो, तो ऑयल चेंज और फ़िल्टर के लिए कठिन शेड्यूल अपनाएँ; इंजन के घिसाव के मुकाबले अतिरिक्त खर्च बहुत कम है।
इलेक्ट्रिक वाहन
EV में ऑयल, स्पार्क प्लग और ज़्यादातर फ़िल्टर नहीं होते, लेकिन उन्हें भी टायर रोटेशन, केबिन एयर फ़िल्टर, ब्रेक फ़्लूइड, वाइपर ब्लेड, और मैनुअल के मुताबिक 12-वोल्ट बैटरी और बैटरी कूलिंग सिस्टम की जाँच चाहिए। रीजेनरेटिव ब्रेकिंग से पैड ज़्यादा चलते हैं, लेकिन कम इस्तेमाल से कैलिपर जाम हो सकते हैं, इसलिए ब्रेक की नियमित जाँच और सफ़ाई करवाएँ, खासकर जहाँ सड़कों पर नमक डाला जाता है।
रसीदें संभालकर रखें
शेड्यूल तभी काम आता है जब आपको पता हो कि हर काम पिछली बार कब हुआ था। हर रसीद तारीख और ओडोमीटर के साथ रखें, ताकि वारंटी क्लेम या खरीदार के सामने काम का सबूत दे सकें। देखें कार के सर्विस रिकॉर्ड कैसे रखें।
Lugnut के साथ हिसाब रखें। इन अंतरालों को रिमाइंडर के रूप में सेट करें, हर रसीद स्कैन करें, और Lugnut बताएगा कि आगे क्या ड्यू है। और जानें।